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Record production of food grains in 2016-17:Radha Mohan Singh

NNWN/ New Delhi, 2017-07-14

Union Agriculture and Farmers Welfare Minister Radha Mohan Singh said that  there has been a record production of food grains in 2016-17 and all previous records were broken.Singh said as per the Third Advance Estimates food grain production in the country has increased to 273 MT in 2016-17, oil seeds to 32.5 MT, and sugarcane to 306 MT.  Fruits and Vegetable production has increased to 287 MTs, according to the Second Advance Estimate. He was speaking at the National Summit on Smart Agriculture Marketing Solutions to Double the Farmers Income organised in Federation of Indian Chambers of Commerce and Industry FICCI in Delhi on Friday. 

 

Hindi Section

NNWN / New Delhi,2017-06-28

कार्मिक और प्रशिक्षण विभाग ने स्वच्छता पखवाड़ा के अंतर्गत आज यहां राममनोहर लोहिया अस्पताल के परिसर में स्वच्छता अभियान में हिस्सा लिया। विभाग के उप सचिव श्री सुरेश कुमार और अपर सचिव श्री राजेश्वर लाल के नेतृत्व में करीब 50 कर्मियों ने अस्पताल के प्रशासनिक खंड से जुड़े पार्क में स्वच्छता अभियान में हिस्सा लिया।

स्वच्छता पखवाड़ा के अंतर्गत डीओपीटी विभिन्न गतिविधियां चला रहा है। पेयजल और स्वच्छता मंत्रालय द्वारा स्वच्छता पखवाड़ा 16 जून से 30 जून 2017 तक चलाया जा रहा है।

स्वच्छता अभियान के दौरान कचरे के 9 पैकेट एकत्रित किये गये इनमें अधिकतर पेड़ों के पत्ते और प्राकृतिक तरीके से सड़ने वाला सामान था। इसके अलावा कुछ मिला जुला कचरा भी एकत्र किया गया। कचरे के सभी पैकेट अस्पताल प्रशासन के प्रभारी को खाद बनाने सहित उसके उचित इस्तेमाल/निपटारे के लिए सौंप दिये गये।

 

NNWN / Shimla, 2017-05-12
 
केंद्रीय स्‍वास्‍थ्‍य एवं परिवार कल्‍याण मंत्री जे .पी. नड्डा ने आज मंडी में देश के सार्वभौमिक टीकाकरण कार्यक्रम (यूआईपी) में न्‍यूमोकोकल कंजुगेट टीका (पीसीवी) लॉंच करने की घोषणा के अवसर पर कहा कि ‘टीका से बचाव वाली बीमारियों से देश में किसी भी बच्‍चे की मृत्‍यु नहीं होनी चाहिए‘ यही हमारी सरकार का लक्ष्‍य एवं प्रतिबद्धता है। उन्‍होंने कहा कि हम शिशु मृत्‍यु दर को कम करने एवं अपने शिशुओं को स्‍वस्‍थ भविष्‍य उपलब्‍ध कराने के प्रति‍ वचनबद्ध हैं। भारत के टीकाकरण कार्यक्रम में इसे एक ऐतिहासिक क्षण तथा एक उदाहरण देने योग्‍य कदम बताते हुए केंद्रीय स्‍वास्‍थ्‍य मंत्री ने कहा कि सरकार बच्‍चों में मृत्‍यु दर एवं रुग्णता दर को कम करने के प्रति प्रतिबद्ध है। उन्‍होंने कहा कि रुटीन टीकाकरण को मजबूत बनाना भारत के बच्‍चों में एक अनिवार्य निवेश है तथा यह देश का स्‍वस्‍थ भविष्‍य सुनिश्चित करेगा।
 
पीसीवी बच्‍चों को निमोनिया एवं मेनिनजाइटिस जैसी न्‍यूमोकोकल बीमारियों के प्रचंड रूपों से सुरक्षा प्रदान करती है। वर्तमान में यह टीका पहले चरण में हिमाचल प्रदेश एवं बिहार एवं उत्‍तर प्रदेश के कुछ हिस्‍सों के लगभग 21 लाख बच्‍चों को दिया जाएगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी  की टीका से बचाव वाली बीमारियों से बच्‍चों की जान बचाने की प्रतिबद्धता को दुहराते हुए नड्डा ने कहा कि सरकार ने कुल टीकाकरण की दिशा में उल्‍लेखनीय कदम उठाए हैं।  मिशन इंद्रधनुष के तहत अभी तक 2.6 करोड़ से अधिक लाभार्थियों का टीकाकरण कराया जा चुका है।
 
स्‍वास्‍थ्‍य मंत्री ने यह भी कहा कि ये सभी टीके निजी क्षेत्र में न केवल भारत में बल्कि दुनिया भर में कई वर्षों से उपलब्‍ध थे। श्री नड्डा ने कहा कि ‘निजी क्षेत्र में ये टीके केवल समृद्ध वर्ग के लिए ही सुलभ थे, यूआईपी के तहत उन्‍हें उपलब्‍ध कराने के जरिये सरकार  निर्धन एवं वंचित वर्गों के लिए भी समान रूप से उनकी उपलब्‍धता सुनिश्चित कर रही है।’ 

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NNWN / Karachi, 2017-08-19

Pakistan's Mother Teresa, Ruth Pfau who passed away at the age of 87 , was laid to rest in Karachi on Saturday after a funeral service at St Patrick's Cathedral. Pfau who died earlier this month, was laid to rest after a funeral service at St Patrick’s Cathedral in Karachi, where the coffin was draped in the Pakistani flag and covered with rose petals. A gun-salute was also offered during the funeral proceedings. Pfau was later buried in Gora Qabristan, Karachi’s oldest graveyard.
Ruth Pfau, a German doctor and nun who dedicated her life to eradicating leprosy in Pakistan, was known as Pakistan's“Mother Teresa”. She was 87. Pfau had dedicated more than 50 years of her life to fighting leprosy in Pakistan, which earned her the name “Light to the Lepers”. She was the founder of the National Leprosy Control Programme in Pakistan and Marie Adelaide Leprosy Centre (MALC), the News International reported.
The Sindh Chief Minister ordered the renaming of Karachi’s Civil Hospital after Pfau following the funeral. “Dr Pfau was a symbol of pride for this province and for all of Pakistan,” he said.
Pfau studied medicine in Germany in the 1950s and was later sent to India by her order, the Daughters of the Heart of Mary. But a visa problem kept her in Karachi, where she went on to live for 57 years.
Due to her efforts, Pakistan became one of the first countries in Asia to be declared free of leprosy in 1966. She set up 150 clinics across the country which treated tens of thousands of people. In recognition of her work, the Pakistani government awarded Pfau the nation’s second highest civilian honour, Hilal-i-Imtiaz, in 1979.In 1989, she was presented with the Hilal-i-Pakistan, the country’s highest civilian honour.

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