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Press Release

Yoga is the Mother of all Exercises: Vice President 

NNWN/ New Delhi, 2017-10-10

Vice President M. Venkaiah Naidu said that Yoga is the Mother of all exercises. He was addressing the inaugural session of the 3rd International Yoga Conference in the Capital on Tuesday.  Naidu  said that Yoga goes beyond the physical exercises and connects the body with thought processes. He further said that Yoga has nothing to do with religion, as some people unfortunately attribute religious overtones to this ancient scientific system. It is a science of well being that needs to be studied and practiced just as any other medical system, he added.

 

Hindi Section

NNWN / New Delhi,2017-06-28

कार्मिक और प्रशिक्षण विभाग ने स्वच्छता पखवाड़ा के अंतर्गत आज यहां राममनोहर लोहिया अस्पताल के परिसर में स्वच्छता अभियान में हिस्सा लिया। विभाग के उप सचिव श्री सुरेश कुमार और अपर सचिव श्री राजेश्वर लाल के नेतृत्व में करीब 50 कर्मियों ने अस्पताल के प्रशासनिक खंड से जुड़े पार्क में स्वच्छता अभियान में हिस्सा लिया।

स्वच्छता पखवाड़ा के अंतर्गत डीओपीटी विभिन्न गतिविधियां चला रहा है। पेयजल और स्वच्छता मंत्रालय द्वारा स्वच्छता पखवाड़ा 16 जून से 30 जून 2017 तक चलाया जा रहा है।

स्वच्छता अभियान के दौरान कचरे के 9 पैकेट एकत्रित किये गये इनमें अधिकतर पेड़ों के पत्ते और प्राकृतिक तरीके से सड़ने वाला सामान था। इसके अलावा कुछ मिला जुला कचरा भी एकत्र किया गया। कचरे के सभी पैकेट अस्पताल प्रशासन के प्रभारी को खाद बनाने सहित उसके उचित इस्तेमाल/निपटारे के लिए सौंप दिये गये।

 

NNWN / Shimla, 2017-05-12
 
केंद्रीय स्‍वास्‍थ्‍य एवं परिवार कल्‍याण मंत्री जे .पी. नड्डा ने आज मंडी में देश के सार्वभौमिक टीकाकरण कार्यक्रम (यूआईपी) में न्‍यूमोकोकल कंजुगेट टीका (पीसीवी) लॉंच करने की घोषणा के अवसर पर कहा कि ‘टीका से बचाव वाली बीमारियों से देश में किसी भी बच्‍चे की मृत्‍यु नहीं होनी चाहिए‘ यही हमारी सरकार का लक्ष्‍य एवं प्रतिबद्धता है। उन्‍होंने कहा कि हम शिशु मृत्‍यु दर को कम करने एवं अपने शिशुओं को स्‍वस्‍थ भविष्‍य उपलब्‍ध कराने के प्रति‍ वचनबद्ध हैं। भारत के टीकाकरण कार्यक्रम में इसे एक ऐतिहासिक क्षण तथा एक उदाहरण देने योग्‍य कदम बताते हुए केंद्रीय स्‍वास्‍थ्‍य मंत्री ने कहा कि सरकार बच्‍चों में मृत्‍यु दर एवं रुग्णता दर को कम करने के प्रति प्रतिबद्ध है। उन्‍होंने कहा कि रुटीन टीकाकरण को मजबूत बनाना भारत के बच्‍चों में एक अनिवार्य निवेश है तथा यह देश का स्‍वस्‍थ भविष्‍य सुनिश्चित करेगा।
 
पीसीवी बच्‍चों को निमोनिया एवं मेनिनजाइटिस जैसी न्‍यूमोकोकल बीमारियों के प्रचंड रूपों से सुरक्षा प्रदान करती है। वर्तमान में यह टीका पहले चरण में हिमाचल प्रदेश एवं बिहार एवं उत्‍तर प्रदेश के कुछ हिस्‍सों के लगभग 21 लाख बच्‍चों को दिया जाएगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी  की टीका से बचाव वाली बीमारियों से बच्‍चों की जान बचाने की प्रतिबद्धता को दुहराते हुए नड्डा ने कहा कि सरकार ने कुल टीकाकरण की दिशा में उल्‍लेखनीय कदम उठाए हैं।  मिशन इंद्रधनुष के तहत अभी तक 2.6 करोड़ से अधिक लाभार्थियों का टीकाकरण कराया जा चुका है।
 
स्‍वास्‍थ्‍य मंत्री ने यह भी कहा कि ये सभी टीके निजी क्षेत्र में न केवल भारत में बल्कि दुनिया भर में कई वर्षों से उपलब्‍ध थे। श्री नड्डा ने कहा कि ‘निजी क्षेत्र में ये टीके केवल समृद्ध वर्ग के लिए ही सुलभ थे, यूआईपी के तहत उन्‍हें उपलब्‍ध कराने के जरिये सरकार  निर्धन एवं वंचित वर्गों के लिए भी समान रूप से उनकी उपलब्‍धता सुनिश्चित कर रही है।’ 

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NNWN/ New Delhi, 2017-10-10

President Ram Nath Kovind said that the issue of water is becoming still more critical in view of climate change and related environmental concerns. Better and more efficient use of water is a challenge for Indian agriculture and industry alike. It requires us to set new benchmarks in both our villages and in the cities we build. Speaking at the inaugural function of India water week in the Capital on Tuesday, President said that currently, 80 per cent of water in India is used by agriculture and only 15 per cent by industry. In the coming years, this ratio will change. The total demand for water will also rise. Efficiency of water use and reuse, therefore, has to be built into the blueprint of industrial projects. Business and industry need to be a part of the solution.

The President said that in urban India, 40 billion litres of waste water is produced every day. It is vital to adopt technology to reduce the toxic content of this water, and to deploy it for irrigation and other purposes. This has to be part of any urban planning programme.

The President urged a water management approach that is localised. He stated that it should empower village and neighbourhood communities and build their capacity to manage, allocate and value their water resources. Any 21st century water policy must factor in the concept of the value of water. It must encourage all stakeholders, including communities, to expand their minds – and to graduate from allocating a quantum of water to allocating a quantum of benefits.

The President said that access to water is a byword for human dignity. For India, providing safe drinking water to a population spread across six hundred thousand villages and urban areas is not just a project proposal. It is a sacred commitment. The government has prepared a strategic plan for ensuring drinking water supply in all rural areas by 2022, when India complete 75 years of Independence. By that year, the goal is to cover 90 per cent of rural households with piped water supply. We cannot fail. The deliberations of this conference have to ensure that we do not fall.

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