Press Release

Cabinet approves continuation of ICDS sub-schemes till November 2018 

NNWN/ New Delhi, 2017-11-16

The Cabinet Committee on Economic Affairs has given its approval for continuation of Integrated Child Development Services ( ICDS) sub schemes till November 30, 2018 from April 1, 2017 with an outlay of over Rs 41,000 crores. These sub schemes are Anganwadi Services, Scheme for Adolescent Girls, Child Protection Services and National Crèche Scheme. The Cabinet has also approved implementation of Scheme for Adolescent Girls for out of school girls in the age group of 11-14 years, its phased expansion and phasing out of the on–going Kishori Shakti Yojana for out of school girls in the age group of 11-14 years.

Hindi Section

NNWN / New Delhi,2017-06-28

कार्मिक और प्रशिक्षण विभाग ने स्वच्छता पखवाड़ा के अंतर्गत आज यहां राममनोहर लोहिया अस्पताल के परिसर में स्वच्छता अभियान में हिस्सा लिया। विभाग के उप सचिव श्री सुरेश कुमार और अपर सचिव श्री राजेश्वर लाल के नेतृत्व में करीब 50 कर्मियों ने अस्पताल के प्रशासनिक खंड से जुड़े पार्क में स्वच्छता अभियान में हिस्सा लिया।

स्वच्छता पखवाड़ा के अंतर्गत डीओपीटी विभिन्न गतिविधियां चला रहा है। पेयजल और स्वच्छता मंत्रालय द्वारा स्वच्छता पखवाड़ा 16 जून से 30 जून 2017 तक चलाया जा रहा है।

स्वच्छता अभियान के दौरान कचरे के 9 पैकेट एकत्रित किये गये इनमें अधिकतर पेड़ों के पत्ते और प्राकृतिक तरीके से सड़ने वाला सामान था। इसके अलावा कुछ मिला जुला कचरा भी एकत्र किया गया। कचरे के सभी पैकेट अस्पताल प्रशासन के प्रभारी को खाद बनाने सहित उसके उचित इस्तेमाल/निपटारे के लिए सौंप दिये गये।

 

NNWN / Shimla, 2017-05-12
 
केंद्रीय स्‍वास्‍थ्‍य एवं परिवार कल्‍याण मंत्री जे .पी. नड्डा ने आज मंडी में देश के सार्वभौमिक टीकाकरण कार्यक्रम (यूआईपी) में न्‍यूमोकोकल कंजुगेट टीका (पीसीवी) लॉंच करने की घोषणा के अवसर पर कहा कि ‘टीका से बचाव वाली बीमारियों से देश में किसी भी बच्‍चे की मृत्‍यु नहीं होनी चाहिए‘ यही हमारी सरकार का लक्ष्‍य एवं प्रतिबद्धता है। उन्‍होंने कहा कि हम शिशु मृत्‍यु दर को कम करने एवं अपने शिशुओं को स्‍वस्‍थ भविष्‍य उपलब्‍ध कराने के प्रति‍ वचनबद्ध हैं। भारत के टीकाकरण कार्यक्रम में इसे एक ऐतिहासिक क्षण तथा एक उदाहरण देने योग्‍य कदम बताते हुए केंद्रीय स्‍वास्‍थ्‍य मंत्री ने कहा कि सरकार बच्‍चों में मृत्‍यु दर एवं रुग्णता दर को कम करने के प्रति प्रतिबद्ध है। उन्‍होंने कहा कि रुटीन टीकाकरण को मजबूत बनाना भारत के बच्‍चों में एक अनिवार्य निवेश है तथा यह देश का स्‍वस्‍थ भविष्‍य सुनिश्चित करेगा।
 
पीसीवी बच्‍चों को निमोनिया एवं मेनिनजाइटिस जैसी न्‍यूमोकोकल बीमारियों के प्रचंड रूपों से सुरक्षा प्रदान करती है। वर्तमान में यह टीका पहले चरण में हिमाचल प्रदेश एवं बिहार एवं उत्‍तर प्रदेश के कुछ हिस्‍सों के लगभग 21 लाख बच्‍चों को दिया जाएगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी  की टीका से बचाव वाली बीमारियों से बच्‍चों की जान बचाने की प्रतिबद्धता को दुहराते हुए नड्डा ने कहा कि सरकार ने कुल टीकाकरण की दिशा में उल्‍लेखनीय कदम उठाए हैं।  मिशन इंद्रधनुष के तहत अभी तक 2.6 करोड़ से अधिक लाभार्थियों का टीकाकरण कराया जा चुका है।
 
स्‍वास्‍थ्‍य मंत्री ने यह भी कहा कि ये सभी टीके निजी क्षेत्र में न केवल भारत में बल्कि दुनिया भर में कई वर्षों से उपलब्‍ध थे। श्री नड्डा ने कहा कि ‘निजी क्षेत्र में ये टीके केवल समृद्ध वर्ग के लिए ही सुलभ थे, यूआईपी के तहत उन्‍हें उपलब्‍ध कराने के जरिये सरकार  निर्धन एवं वंचित वर्गों के लिए भी समान रूप से उनकी उपलब्‍धता सुनिश्चित कर रही है।’ 

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NNWN / New Delhi, 2017-09-04

Inidian Forest Service Officer Sanjiv Chaturvedi using the reputed NGO Centre for Public Interest Litigation ( CPIL) as a proxy litigant, alleges the Centre in Delhi High Court on Monday.The Ministry of Health and Family Welfare alleged in the court that the Centre for Public Interest Litigation (CPIL) has brought the allegations which were levelled in personal capacity by Chaturvedi, who was the Chief Vigilance Officer of AIIMS from 2012 to 2014.
Appearing on behalf of the government, Additional Solicitor General Sanjay Jain told the bench of Acting Chief Justice Gita Mittal and Justice C Hari Shankar that the PIL was filed at the behest of Chaturvedi who should be made the petitioner by discharging the CPIL from the matter in which a CBI probe has been sought. "Why CPIL, a reputed NGO which raises important issues, is being used as a proxy litigant here by lending its name to Sanjiv Chaturvedi who should actually be the petitioner. CPIL should be discharged from the case and instead Chaturvedi should be made the petitioner," the ASG said.
The ASG maintained that Chaturvedi, the 2002 batch Indian Forest Service (IFoS) officer of the Haryana cadre, is a private respondent who has filed several affidavits in the matter and CPIL is a reputed petitioner whose name should not be spoilt. "Chaturvedi's personal dispute should not be brought in a PIL," the ASG submitted. The bench listed the matter for further proceedings on October 12.
The NGO had filed a PIL  in which it sought a CBI inquiry in various cases of alleged irregularities and corruption in the AIIMS raised by Chaturvedi during his tenure between 2012 and 2014. The court had earlier issued notices on the petition seeking revival of all cases in which actions were initiated by Chaturvedi before he was sacked by then union health minister Harsh Vardhan in August 2014 as chief vigilance officer of AIIMS.
The plea has contended that Chaturvedi, who is currently posted as Conservator of Forest at Haldwani in Nainital District of Uttarakhand, started initiating action in corruption cases related to various malpractices including "supply of dubious medicines by a private chemist shop, having influential political nexus, role of middlemen in making fake out-patient department (OPD) cards".

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